Friday, 16 September 2022

 पहले जैसा अब कहीं,होता नहीं कमाल

 फँसा धोखे शेर हो, चूहा कुतरे  जाल


कभी उतरता  ही नहीं, सत्ता गजब बुखार

बारह बरस पोंगरी, अजमा ले सरकार

सुशील यादव दुर्ग


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